चावल के वैश्विक उत्‍पादन में होगी हल्‍की बढ़ोतरी : यूएसडीए

वाशिंग्टन। अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) ने मार्केटिंग वर्ष 2023-24 की दिसंबर महीने की रिपोर्ट में चावल के वैश्विक उत्‍पादन अनुमान में थाईलैंड में उपज बढ़ने से बढ़ोतरी जताई है। कुछ अफ्रीकन देशों में इसकी मांग घटने से चावल की खपत में कमी आएगी, हालांकि, भारत में चावल का उपयोग बढ़ेगा। चीन, केन्‍या और नेपाल का चावल आयात घटेगा। चावल का वैश्विक निर्यात कारोबार भारत की वजह से घटेगा।

यूएसडीए का कहना है कि पिछले महीने अमेरिकी चावल का भाव पांच डॉलर बढ़कर 765 डॉलर प्रति टन रहा जबकि उरुग्‍वे का चावल 30 डॉलर बढ़कर 790 डॉलर प्रति टन पहुंच गया। यह वर्ष 2019 के बाद पहला मौका है जब उरुग्‍वे के चावल का भाव अमेरिका के भाव से अधिक है। थाईलैंड का चावल 51 डॉलर गिरकर 619 डॉलर, जबकि वियतनाम का चावल 11 डॉलर बढ़कर 687 डॉलर प्रति टन ऑफर हो रहा था। पाकिस्‍तानी चावल 39 डॉलर बढ़कर 589 डॉलर प्रति टन पर ऑफर हो रहा था।

यूएसडीए ने समूचे विश्व में वर्ष 2023-24 में 51.80 करोड़ टन चावल पैदा होने का अनुमान जताया है। यह अनुमान नवंबर में 51.77 करोड़ टन था। वर्ष 2022-23 में यह उत्‍पादन 51.29 करोड़ टन और वष्र 2021-22 में 51.30 करोड़ टन था।

यूएसडीए ने वर्ष 2023-24 में भारत का चावल निर्यात वर्ष 2022-23 के 1.80 करोड़ टन से 1.65 करोड़ टन होने का अनुमान जताया है। यह वर्ष 2021-22 में 2.21 करोड़ टन रहा। भारत का वर्ष 2023-24 में चावल उत्‍पादन 13.20 करोड टन रहने की संभावना है। भारत में वर्ष 2022-23 में 13.57 करोड़ टन और वर्ष 2021-22 में 12.94 करोड़ टन चावल पैदा हुआ था।

यूएसडीए ने बांग्‍लादेश में वर्ष 2023-24 में चावल उत्‍पादन 3.64 करोड़ टन रहने का अनुमान है। वर्ष 2022-23 में चावल उत्पादन 3.63 करोड़ टन और वर्ष 2021-22 में 3.58 करोड़ टन रहा। ब्राजील में चावल का उत्पादन वर्ष 2023-24 में 74.80 लाख टन, वर्ष 2022-23 में 70.04 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2021-22 में 73.37 लाख टन रहा। अमेरिका में वर्ष 2023-24 में 69.75 लाख टन, वर्ष 2022-23 में 50.92 लाख टन, चीन में 14.59 करोड़ टन की तुलना में 14.90 करोड़ टन, म्यांमार (बर्मा) में 1.18 करोड़ टन से 1.19 करोड़ टन, फिलीपिंस में समान रुप से 1.26 करोड़ टन, इंडोनेशिया में 3.40 करोड़ टन की तुलना में 3.35 करोड़ टन चावल का उत्‍पादन होने का अनुमान है। जबकि, अमेरिका में वर्ष 2021-22 में 60.83 लाख टन, चीन में 14.89 करोड़ टन, म्‍यांमार (बर्मा) में 1.24 करोड़ टन, फिलीपिंस में 1.25 करोड़ टन, इंडोनेशिया में 3.44 करोड़ टन चावल का उत्पादन हुआ।

चावल आयात की बात की जाएं तो वर्ष 2023-24 में चीन 33 लाख टन, यूरोपीयन देशों 24 लाख टन, ईरान 11.50 लाख टन, इराक 20 लाख टन, मलेशिया 12 लाख टन, सऊदी अरब 13.50 लाख टन, फि‍लिपींस 38 लाख टन, सेनेगल 14 लाख टन और संयुक्त अरब अमीरात 8.75 लाख टन चावल का आयात कर सकता है। जबकि, वर्ष 2022-23 में चीन 27 लाख टन, यूरोपीयन देशों 24 लाख टन, ईरान 8 लाख टन, इराक 20 लाख टन, मलेशिया 11.50 लाख टन, सऊदी अरब 13 लाख टन, फि‍लिपींस 37.50 लाख टन, सेनेगल 14 लाख टन और संयुक्त अरब अमीरात 8 लाख टन चावल का आयात किया।

चावल की कुल वैश्विक खपत वर्ष 2023-24 में 52.50 करोड टन रहने का अनुमान है। वर्ष 2022-23 में यह 52.09 करोड़ टन और वर्ष 2021-22 में यह 51.78 करोड़ टन रही। वर्ष 2023-24 में चावल का वैश्विक अंतिम स्‍टॉक 16.77 करोड़ टन रहने का अनुमान है। जबकि, वर्ष 2022-23 में चावल का वैश्विक अंतिम स्‍टॉक 17.47 करोड़ टन और वर्ष 2021-22 में यह 18.27 करोड़ टन रहा। भारत में वर्ष 2023-24 में 3.25 करोड़ टन चावल का अंतिम स्‍टॉक रहने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2022-23 में भी 3.50 करोड़ टन और वर्ष 2021-22 में 3.40 करोड़ टन रहा।

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